सपा मुख्यालय में सादगी से मनाई गई वाल्मीकि जयंती

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विक्रमादित्य मार्ग पर स्थित समाजवादी पार्टी के मुख्यालय पर 13 अक्टूबर को सादगी से महर्षि वाल्मीकि जयंती मनाई गई। पूर्व मुख्यमंत्री तथा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महर्षि वाल्मीकि की फोटो पर फूलों की माला चढ़ाया। अखिलेश यादव ने इस मौके पर सभी देशवासियों को संस्कृत भाषा में लिखे पहले महाकाव्य के रचयिता महिर्ष वाल्मीकि की जयंती पर बधाई दी।

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि “वाल्मीकि जयंती का उत्सव एक महान संत को श्रद्धांजलि है जिन्होंने अपनी सीमाओं को जीत लिया और अपनी शिक्षाओं से सामाजिक अन्याय के खिलाफ लड़ने को प्रोत्साहित किया”। साथ ही उन्होंने कहा कि “महर्षि वाल्मीकि की महान रचना रामायण राम के जीवन पर पहला महाकाव्य है। इन्हीं के आश्रम में देवी सीता जी ने अपने दोनों पुत्रों लव और कुश को जन्म दिया था”।

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उत्तराखंड के नैनीताल में स्थित जिमकार्बेट नेशनल पार्क में बने उनके आश्रम को लोग सीतावनी के नाम से जानते हैं। अखिलेश यादव ने बताया कि “जनश्रुति के अनुसार वाल्मीकि का प्रथम नाम रत्नाकर था। जन्म के बाद इनका अपहरण भीलों ने कर लिया जिससे वे उनके गलत कामों में शरीक हो गए थे। बाद में उनके जीवन में परिवर्तन आया और वे साहित्य जगत में अमर हो गए।