अयोध्या विवाद पर फैसले की सुनवाई करीब, 17 नवंबर को हो सकता है निर्णय?

ayodhya babri musjid

अयोध्या मामला, अयोध्या के बाबरी मस्जिद राम मंदिर जमीन विवाद पर फैसले को देखते हुए केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश 4 हज़ार सेना बल केंद्र सरकार की तरफ से भेजे गए है। सुप्रीम कोर्ट अयोध्या मामले की सुनवाई पूरी कर चुका है।

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पाँच न्यायाधीशों की एक संविधान पीठ 6 अगस्त से लगातार इस मामले की सुनवाई कर रही थी।

17 नवंबर तक अयोध्या विवाद का फैसला सुनाये जाने की संभावना है, लेकिन जल्द ही फैसला आ सकता है इसी को देखते हुए अयोध्या के आस पास की सुरक्षा को कड़ा कर दिया गया है।

जस्टिस गोगोई की पाँच न्यायाधीशों की एक संविधान पीठ अगुआई में फैसला जल्द ही आ सकता है, क्योकि जस्टिस गोगोई 17 नवंबर 2019 को सेवानिवृत्त हो रहे है।

अयोध्या विवाद भूमि पर 15 नवंबर से 17 नवंबर के बीच सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुना सकता है इसी को देखते हुए अयोध्या और आसपास की सुरक्षा को सख्त कर दिया गया है। केंद्रीय सशस्त्र बल के 4 हज़ार सैनिक और आरपीएफ के जवान भेजे है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए धारा 144 लागू कर रखी है जिस दिन अयोध्या विवाद पर फैसला आएगा उस दिन सुरक्षा और भी ज्यादा सख्त हो जाएगी, क्योकि हिंसा करने वाले लोगो को नजरबन्द करने के अलावा पुलिस और प्रशासन इंटरनेट की सुविधा को भी कुछ समय के लिए बंद किये जाने पर विचार कर रही है।

उत्तर प्रदेश पुलिस इंटरनेट तथा सोशल साइट पर भी नजर रखेगी जिसमे कई लोग भड़काऊ पोस्ट शेयर या वायरल कर सकते है।

कोर्ट ने पहले कहा था कि सुनवाई 17 अक्टूबर को पूरी हो जाएगी. बाद में इस समय सीमा को एक दिन पहले कर दिया गया। आज सुबह सुनवाई शुरू होने पर बेंच ने कह दिया था कि वह पिछले 39 दिनों से अयोध्या भूमि विवाद मामले में सुनवाई कर रही है और मामले में सुनवाई पूरी करने के लिए किसी भी पक्षकार को आज (बुधवार) के बाद अब और समय नहीं दिया जाएगा.