दिख रहा बेसिक शिक्षा परिवर्तन का असर, प्राथमिक विद्यालयों में बच्चो की संख्या बढ़ी

सभी जानते है कि प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति कितनी ख़राब रहती है। जिसके कारण मध्यम वर्ग के लोग अपने बच्चो को या तो किसी प्राइवेट स्कूल में पढ़ाते है। ये सिर्फ इसी वजह से होता है क्योंकि प्राथमिक विद्यालयों में जो सुविधाएं बच्चो को दी जानी चाहिए वो नहीं मिलती।

लेकिन अब ऐसा नहीं होगा बदलते दौर के चलते सरकार अब प्राथमिक विद्यालयों पर ध्यान दे रही है। जिससे प्राथमिक विद्यालयों का माहौल काफी बेहतर हो रहा है।

प्राथमिक विद्यालयों में परिवर्तन का असर

जिले के बेसिक शिक्षा में कई परिवर्तन किये गए है जिसका असर भी अब दिखने लगा है। इस परिवर्तन से प्राथमिक विद्यालयों में बच्चो कि संख्या भी बढ़ चुकी है। इस परिवर्तन से बच्चों की परिषदीय स्कूलों के प्रति रूचि बढ़ गयी है। इन परिवर्तनों ने नामांकन पर भी असर डाला है जो की बहुत अच्छी बात है। जिले में परिषदीय स्कूलों के नामांकन में अब तक सबसे सर्वाधिक वृद्धि हुई है। जो की अपने आप ही बहुत बड़ी उपलब्धि है।

प्रा. वि. जियामऊ पहुचे बेसिक शिक्षा मंत्री, बच्चो को पढ़ाया

कैसे बढ़ाये गए नामांकन

जिले के जिलाधिकारी श्री प्रशांत शर्मा के दिए निर्देशन के अनुसार बेसिक शिक्षा विभाग में कई परिवर्तन किये जा रहे है। प्राथमिक विद्यालयों के साज सज्जा के साथ यहाँ के नामांकन पर भी जोर दिया गया। जिसका परिणाम यह रहा कि गत वर्ष नामांकन 161751 था वहीं इस वर्ष 3817 नामांकन के साथ यह संख्या 165568 हो गई।