बाराबंकी स्थित खस्ताहाल स्कूल हुआ बारिश का शिकार

कुछ दिनों से हो रही इस लगातार बारिश ने हर जगह अपना आतंक बना रखा है, फिर चाहे वो रोड हो, अस्पताल हो, गाँव हो या फिर स्कूल हो। बाराबंकी स्थित एक प्राइमरी स्कूल भी इस हो रही झमाझम बारिश का शिकार हो गया है। बारिश के कहर ने इस प्राइमरी स्कूल की हालत खस्ता कर दी है। जिसके कारण छात्र और अध्यापक क्लासरूम में छाता लगाकर पढ़ने-पढ़ाने के लिए मजबूर हो गये है।

प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी की सरकार ने स्कूलों में छात्रों को जूते, मोज़े, स्वेटर, किताबे, और यूनिफार्म प्रदान करने के लिए कई करोड़ रूपए खर्च किये है। इन सब सुविधाओ के बाद भी बाराबंकी स्थित स्कूल की हालत कुछ ज्यादा ही खराब है।

प्राइमरी के बच्चों के लिए शिक्षा मंत्री की स्मार्ट क्लास

आपको बता दें की उत्तरप्रदेश में बाराबंकी स्थित बनीकोडर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय शंकरगढ़ की हालत इतनी गंभीर है जिसका आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते है। हर जिलों की तरह इस जिले में भी काफी भारी बारिश हो रही है, जिसके चलते स्कूलों में छुट्टियां कर दी गयी है। मगर बारिश के चलते गुरुवार को शंकरगढ़ प्राथमिक विद्यालय की हालत खराब होने के कारण बच्चों व टीचर को छाता लेकर पढने व पढ़ाने की नौबत आयी।

किन कमियों के कारण हुई स्कूल की ये हालत

विद्यालय में बच्चे क्लास रूम की छतों से टपकते पानी के बीच छाता लगाकर बैठे रहे, वहीं टीचर भी छाता लेकर ब्लैक बोर्ड पर लिखता-पढ़ाता नजर आया। इस विद्यालय की हालत काफी गंभीर नजर आ रही है, यहाँ कभी भी कोई हादसा घटित हो सकता है। इस विद्यालय में बच्चे व अध्यापक दोनों ही सुरक्षित नहीं है। इस स्कूल की दीवारों और छतों में दरारे पड़ चुकी है, साथ ही बारिश ने इसका हाल और बुरा कर दिया है। छत से पानी टपकने कारण इस विद्यालय के छात्र यहीं पढ़ने को मजबूर हैं।

अध्यापकों के अनुसार इस स्कूल की इमारत बिल्कुल जर्जर हो गयी है। इस स्कूल में कभी भी कोई बड़ी घटना घटित हो सकती है। बारिश के मौसम में बच्चे मजबूर होकर हाथ में छाता लेकर पढ़ाई करते हैं। कई बच्चों के घरवाले तो बारिश में उन्हें स्कूल नहीं भेजते, और कई लोगों ने तो अपने बच्चों का नाम तक स्कूल से कटा लिया है। बताया कि अनहोनी के डर से बारिश होने पर स्कूल में छुट्टी कर दी जाती है।शिक्षामित्र देवी प्रसाद ने बताया कि, विभाग के अधिकारियों को कई बार स्कूल की ऐसी स्थिति के बारे में अवगत कराया गया है।

बेसिक शिक्षा अधिकारी को दी गयी जानकारी

बीएसए वीपी सिंह ने कहा कि उन्हें इस बारे में अभी जानकारी मिली है। वह विभाग के अधिकारी को भेजकर इस बात की जांच कराएंगे कि ऐसी जर्जर बिल्डिंग में स्कूल क्यों चल रहा है और जल्द ही स्कूल की मरम्मत कराई जाएगी। जल्द ही प्रेरणा एप्प के माध्यम से इन सभी चीजों की मॉनिटरिंग होगी और स्थिति में सुधार कराया जाएगा।