5 हज़ार से ज़्यादा अस्पताल कर्मचारियों की नौकरी खतरे में

  • मुंबई की एक फार्म टीएनएम ने किया था सभी कर्मचारियों का चयन
  • संविदा पर रखे गए थे 5 हज़ार से ज़्यादा अस्पताल के कर्मचारी

उत्तर प्रदेश के 50 जिला अस्पतालों में आउटसोर्सिंग के द्वारा लिए गए 5 हज़ार से ज़्यादा कर्मचारियों की नौकरी खतरे में पड़ गई है। इन आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की संविदा बढ़ाने से प्रदेश सरकार ने इंकार कर दिया है। सेवा प्रदाता फर्म ने सभी कर्मचारियों को नोटिस भिजवा दिया है और इन सभी कर्मचारियों की संविदा 31 अक्तूबर को खत्म हो जाएगी। मुंबई की एक फार्म टीएनएम ने सभी कर्मचारियों का चयन किया था।

अस्पताल के इन कर्मचारियों ने मंगलवार को अपनी नौकरी बचाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में गुहार लगाई थी लेकिन मुख्यमंत्री ने भी इन कर्मचारियों को कोई भी आश्वासन नहीं दिया है। प्रदेश के 50 जिला अस्पतालों में उत्तर प्रदेश हेल्थ स्ट्रेंथनिंग कार्यक्रम के तहत 5 हज़ार से ज़्यादा कर्मचारियों का चयन हुआ था जिनमे स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वाय, वार्ड आया, एक्सरे टेक्नीशियन, रजिस्ट्रेशन क्लर्क, ओटी टेक्नीशियन समेत एक दर्जन पद शामिल हैं।