राज्यसभा में पारित हुआ जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक विधेयक

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उत्तर प्रदेश के संसद के उच्च सदन राज्यसभा ने मंगलवार को जलियांवाला बाग के न्यास प्रबंधन से संबंधित जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक विधेयक 2019 को अपनी मंजूरी दे दी। बता दे यह बिल अगस्त में ही लोकसभा से पास हो गया था। मंगलवार को इसे राज्यसभा में चर्चा के लिए लाया गया। जिसके बाद इसे बहुमत से पास कर दिया गया। इस संशोधन बिल में जलियांवाला बाग नेशनल मेमोरियल के ट्रस्ट में कांग्रेस के अध्यक्ष को स्थायी सदस्य के तौर पर हटाने का प्रावधान है।

वही जलियांवाला बाग नेशनल मेमोरियल संशोधन बिल 2019 का विरोध जताते हुए विपक्ष ने कहा कि 13 अप्रैल 1919 को हुए इस जघन्य हत्याकांड के बाद कांग्रेस की पहल पर जलियांवाला बाग ट्रस्ट का गठन किया गया था। उन्होंने कहा कि इस हत्याकांड के खिलाफ देश भर में उपजे आक्रोश के कारण कांग्रेस की अगुआई में आजादी का संग्राम शुरू हुआ और जलियांवाला बाग की कड़वी यादों को संजोने के लिए बने ट्रस्ट में कांग्रेस अध्यक्ष को स्थायी सदस्य के रूप में शामिल किया गया।

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इसके साथ ही उन्होंने भगत सिंह को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग भी की।बता दे की इस बिल के पास होने से पहले संसद में भारी हंगामा भी हुआ। संसद में कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार से जलियांवाला बाग ट्रस्ट से न्यासी मंडल से कांग्रेस अध्यक्ष को पदेन स्थायी सदस्य बनाने के प्रावधान को खत्म करने के कानूनी प्रस्ताव को वापस लेने का अनुरोध किया।