भाजपा नेता भी वंशवाद को बढ़ावा देने की होड़ में जोर आजमाइश में जुटे।

लखनऊ -यूपी में लोकसभा चुनाव 2019 के फैसला के बाद नई सीट पर जीत दर्ज कर चुके भाजपा नेताओं का पुरानी सीट का लोभ नही छूट रहा है और उस सीट से किसी औऱ को नही बल्कि अपने पुत्र और सगे संबंधियों को टिकट दिलाने की होड़ अब भाजपा में तेज हो गयी है ऐसे में ये कहना गलत नही होगा कि समाजवादियों नेताओ की राह पर अब भाजपा के नेता चलते नजर आ रहे है भाई भतीजा वाद और वंशवाद की राजनीति के आरोप से हमेशा घिरी रहे वाली यूपी की समाजवादी पार्टी की राह पर भाजपा के दिग्गज नेता नजर आ रहे है।

आपको बता दे कि विधानसभा उपचुनाव में यूपी 11 सीटो में हो रहे चुनाव में भाजपा के दिग्गजों ने अपनो के लिए ताल ठोकी है। लोकसभा चुनाव हारने के बाद भी उनकी रामपुर में सक्रियता देखकर कयासों का दौर जारी है कि क्या आजम खान के खिलाफ मोर्चा खोलने के बाद वो मैदान में उतरेंगी, कहा जा रहा है कि वो भी अपने रामपुर के करीबी को टिकट दिलाने में लगी है। विधानसभा उपचुनावों के लिए बीजेपी नेता अपने बच्चों और भाइयों के लिए टिकट की दावेदारी ठोक रहे हैं। वैसे तो पार्टी पहले कह चुकी है कि परिजनों को टिकट नहीं दिया जाएगा, लेकिन इस बार भी नेता अपने करीबियों के लिए टिकट मांगने की दावेदारी कर रहे हैं। सूत्रों की माने तो लखनऊ कैंट से सांसद रीता बहुगुणा जोशी अपने बेटे के लिए टिकट मांग रही हैं। वहीं गोविंदनगर से सांसद सत्यदेव पचौरी भी अपने बच्चों के लिए टिकट की मांग रहे है। साथ ही उत्तर प्रदेश के विधानसभा उपचुनावों के लिए बीजेपी नेता अपने बच्चों और भाइयों के लिए टिकट की दावेदारी ठोक रहे हैं। पार्टी पहले कह चुकी है कि परिजनों को टिकट नहीं दिया जाएगा।

बसपा को लगा झटका, रविन्द्र मोल्हू भी हुए भाजपाई

वहीं मानिकपुर से पूर्व सांसद प्रसाद मिश्र भी अपने छोटे भाई के लिए टिकट के दावेदार हैं। प्रतापगढ़ से सांसद संगम लाल गुप्ता भी अपने भाई के लिए टिकट की चाह रख रहे हैं। बलहा विधानसभा सीट के लिए सांसद अक्षयवर लाल गौड़ भी अपने बेटे के लिए टिकट मांग रहे हैं। इसी क्रम में बिहार के राज्यपाल फागू चौहान भी अपने बेटे के लिए घोसी से टिकट की उम्मीद लगाए हुए हैं। दूसरी तरफ सबकी निगाहें रामपुर की तरफ भी लगी हुई हैं कि क्या जयाप्रदा एक बार फिर उतरेंगी कहा जा रहा है कि वो भी अपने रामपुर के करीबी को टिकट दिलाने में लगी हुई हैं। पिछले उपचुनाव के जैसा हश्र न हो इसके लिए पार्टी फूंक फूंक कर कदम रख रही है।

संसदीय बोर्ड के पास प्रत्याशी चयन का विशेषाधिकार -बीजेपी

यूपी बीजेपी के महामंत्री एवम सदस्य विधान परिषद विजय बहादुर पाठक का मानना हैं कि प्रत्याशी चयन संसदीय बोर्ड करता है और उसका फैसला होगा, लेकिन मैदान में कमल का फूल रहेगा और जीत कमल को फूल को ही मिलेगी।

इन 11 विधानसभा सीटों पर हो रहे है उपचुनाव

बता दें कि यूपी में 11 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं। इनमें रामपुर, सहारनपुर की गंगोह, फिरोजाबाद की टूंडला, अलीगढ़ की इगलास, लखनऊ कैंट, बाराबंकी की जैदपुर, चित्रकूट की मानिकपुर, बहराइच की बलहा, प्रतापगढ़, हमीरपुर और अंबेडकरनगर की जलालपुर सीट शामिल है. इन 11 विधानसभा सीटों में से रामपुर की सीट सपा और जलालपुर की सीट बसपा के पास थी और बाकी सीटों पर बीजेपी का कब्जा था।

संवाददाता -शशांक श्रीवास्तव