सोशल मीडिया को मॉनिटर कर रहे, सब पर हमारी नजर: अवनीश अवस्थी

महेंद्र सिंह ने एनसीआरबी (नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो) के आंकड़ों पर सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि एनसीआरबी ने जो आंकड़े जारी किए हैं।वह 2016 और 2017 के हैं।इस हिसाब से अगर पूरे देश में क्राइम की स्थिति देखी जाए तो उत्तर प्रदेश में वर्ष 2018 और 19 के बीच में काफी हद तक सुधार हुआ है।

उन्होंने कहा की एक तरह से देखा जाये तो एनसीआरबी के द्वारा प्रकाशित क्राइम इन इंडिया 2017 के अनुसार भारत वर्ष में कुल (3062579)आईपीसी के अपराध पंजीकृत हुए हैं। जिसमें से 310084 आईपीसी के अपराध उत्तर प्रदेश में घटित हुए हैं। जो कि देश में ऐसे पंजीकृत अपराधों का 10.1% है । पूरी रिपोर्ट के मुताबिक क्राइम की संख्या उत्तर प्रदेश में अधिक है। उन्होंने कहा की उत्तर प्रदेश में अपराध अधिक संख्या में पंजीकृत होते हैं ।

अपर मुख्य सचिव गृह ने की वाराणसी में कानून व्यवस्था की समीक्षा।

उन्होंने कहा की अपराध की स्थिति को समझने के लिए क्राइम रेट एक विश्वसनीय संकेत है। एनसीआरबी के रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश क्राइम रेट में हत्या का सोलहवां स्थान है। इसके साथ ही उन्होंने बलात्कार के मांमले में 22वां स्थान बताया है।अवनीश अवस्थी ने कहा की कमलेश तिवारी हत्याकांड यूपी पुलिस व गुजरात एटीएस ने बड़े स्तर पर काम किया है। उन्होंने ये भी कहा की हम सोशल मीडिया को जाँच कर रहे है , कौन क्या कर रहा है सब पर हमारी नजर है। उन्होंने बताया की जो भी गलत काम करेगा उस पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।