एडीजी ने सुरक्षा के मद्देनज़र किया अयोध्या का दो दिवसीय दौरा

ADG in ayodhya
  • 15 अक्टूबर को प्रथम चरण की फोर्स पहुंच चुकी है अयोध्या, 23 अक्टूबर को पहुँच जाएगी और भी फोर्स
  • रौनाही थाने का विधिवत निरीक्षण किया और कार्यालय में रखे हुए रजिस्टरों का भी किया अवलोकन
  • थाना कैंट के कम्प्यूटर रुम सहित आफिस एवं अभिलेखों का बारीकी से किया निरीक्षण

दीपावली का त्यौहार बिलकुल करीब आ चुका है। ऐसे में लखनऊ के एडीजी जोन एसएन साबत ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र अयोध्या का दो दिवसीय दौरा किया है। अयोध्या में इस बार तीसरे दीपोत्सव की तैयारियां हो रही है। एडीजी जोन ने अयोध्या आकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी के साथ वहाँ के रौनाही थाने का विधिवत निरीक्षण किया और कार्यालय में रखे हुए रजिस्टरों का भी बारीकी से अवलोकन किया। साथ ही थाने में किये जा रहे कार्यों की भी विधिवत जानकारी ली। थाने के संबंधित कार्यों में सुधार को लेकर भी विचार विमर्श किया गया। इस मौके पर जनपद के कई पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

लखनऊ की पुलिस सुरक्षा के मद्देनज़र कर रही है पैदल गश्त

एडीजी जोन एसएन साबत इसके बाद थाना कैंट गए और वहां भी निरीक्षण किया। उन्होंने कम्प्यूटर रुम सहित आफिस एवं अभिलेखों का बारीकी से निरीक्षण किया। एडीजी जोन के साथ एसएसपी आशीष तिवारी और एसपी सिटी सहित सीओ सिटी अरविंद चौरसिया मौजूद थे। एसएन साबत ने मौजूद सभी पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया। एसएन साबत ने बताया कि 15 अक्टूबर को ही प्रथम चरण की फोर्स पहुंच चुकी है तथा 23 अक्टूबर को और भी फोर्स अयोध्या पहुँच जाएगी। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण तथा ट्रैफिक नियंत्रण पर प्राथमिकता से ध्यान दिया जाएगा।

कमलेश की हत्या के बारे में उन्होंने कहा कि तीन आरोपी पहले ही गिरफ्तार किये जा चुके हैं और ट्रांजिट रिमांड पर तीनों आरोपियों को लखनऊ में रखा गया है जिनसे पूछताछ की जा रही है। दो अन्य आरोपियों का स्केच जारी हुआ जिनको जल्दी ही गिरफ्तार किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों को भी अलर्ट किया गया है।

अयोध्या में मोर्चा बनाए जाने के सवाल पर एडीजी ने कहा कि मोर्चा एक सुरक्षा का बेसिक रिक्वायरमेंट है और कई जगह मोर्चा बनाया गया है। इन सभी मोर्चों का परिस्थितियों के हिसाब से इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि दीपोत्सव में जो फोर्स आ रही है वो दीपोत्सव के बाद भी अयोध्या में रुकेगी और डिप्लॉयमेंट का पैटर्न बिलकुल अलग होगा।