बेसिक शिक्षा निदेशक पर 5 लाख का हर्जाना

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पिछले 17 सालों से वेतनमान के लिए भटक रही प्राइमरी विद्यालय की चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अवध रानी को कोर्ट ने आखिर इंसाफ दे ही दिया। बता दे की कोर्ट ने निदेशक बेसिक शिक्षा को आदेश दिया है कि वे दो हफ्ते के अंदर पांच लाख रुपये का भुगतान करें और साथ ही प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा तथा निदेशक बेसिक शिक्षा उत्तर प्रदेश प्रयागराज से एक हफ्ते में हलफनामा भी मांगा है।

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आपको बता दे की यह आदेश न्यायमूर्ति अशोक कुमार ने अवध रानी की अवमानना याचिका पर दिया है।गौरतलब है की कोर्ट ने इससे पहले निदेशक के आदेश को रद करते हुए याची को चतुर्थ श्रेणी कर्मी का वेतनमान देने का आदेश दिया था और कहा था कि 1983 से लेकर 2001 तक के वेतन भुगतान अंतर का बैंक दर से ब्याज लगाकर भुगतान किया जाए। लेकिन निदेशक ने हर्जाना भरने से इंकार कर दिया था।

इसी के चलते कोर्ट ने फिर निदेशक पर पांच हजार रुपये हर्जाना भी लगाया था। जिसका भी निदेशक ने भुगतान नहीं किया। इस दौरान हाईकोर्ट ने निदेशक को इस बार 5 लाख का भुगतान करने का आदेश दिया है। कोर्ट के अनुसार अब इस मामले की अगली सुनवाई तीन दिसंबर को होगी।