क्या महाराष्ट्र में पवार के पावर पर चलेगी शिवसेना?

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महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव का परिणाम आने के बाद अभी तक मुख्यमंत्री के पद के लिए असमंजस बना हुआ है और यहाँ पर लगातार राजनितिक समीकरण बनते और बिगड़ते दिखाई दे रहे हैं। शिवसेना और भाजपा में तकरार के बाद अब शिवसेना ने बीजेपी के बिना सरकार बनाने का मन बना लिया हैं। सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी भाजपा के पास पर्याप्त विधायक नहीं हैं जिसके चलते उसने सरकार बनाने के दावे से पीछे हटने का फैसला किया हैं।

महाराष्ट्र में अब शिवसेना, एनसीपी तथा कांग्रेस पार्टियों के गठजोड़ से सरकार बनने का रास्ता खुल सकता हैं। इन तीनों पार्टियों को मिलाकर तीन फार्मूले बनते हैं जिसमे किसी एक फार्मूले से सरकार बन सकती हैं। अब ऐसे में सवाल उठता हैं कि क्या पवार के पावर पर शिवसेना चलेगी? तीनों पार्टियों में से शिवसेना के पास 56 विधायक, एनसीपी के पास 54 और कांग्रेस के पास 44 विधायक हैं। जबकि भारतीय जनता पार्टी के पास 105 विधायक हैं।

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महाराष्ट्र में सरकार बनने का पहला फार्मूला हैं कि तीनों पार्टियां मिलकर सरकार बनाएं और सरकार में बराबर की हिस्सेदार रहे। सरकार बनाने का दूसरा फार्मूला हैं कि शिवसेना और एनसीपी मिलकर सरकार बनाएं और कांग्रेस बाहर से समर्थन दे। बीजेपी को सत्ता से बाहर करने के लिए कांग्रेस यह दॉंव चल सकती है। सरकार बनाने का तीसरा फार्मूला है कि कांग्रेस तथा एनसीपी दोनों पार्टियां शिवसेना को बाहर से समर्थन करें और शिवसेना सरकार बनाए। हालांकि इससे सरकार के लिए लंबा रास्ता तय करना बहुत मुश्किल होगा।