अंबेडकर की तरह अपना लूंगी बौद्ध धर्म: मायावती

  • मायावती जल्द ही बौद्ध धर्म अपनाएंगी
  • बसपा प्रमुख मायावती ने नागपुर रैली में बीजेपी और कांग्रेस पर निशाना साधा

महाराष्ट्र के नागपुर में बसपा सुप्रीमो मायावती एक चुनावी जनसभा को संबोधित करने गई। मायावती ने सोमवार को एक बड़ा ऐलान भी किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की तरह ही वह भी बौद्ध धर्म अपना लेंगी।उन्होंने कहा कि सही समय पर इसका फैसला लेंगी। वह आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की बात से सहमत नहीं हैं कि भारत एक हिंदू राष्ट्र था। मायावती नागपुर में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीएसपी उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार कर रही हैं। यहां 21 अक्टूबर को मतदान होगा और वोटों की गिनती 24 अक्टूबर को हो जाएगी।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग मेरे धर्म परिवर्तन के बारे में भी सोचते होंगे। मैं भी बौद्ध धर्म की अनुयायी बनने के लिए दीक्षा अवश्य लूंगी परन्तु ऐसा सही समय आने के बाद होगा।अंबेडकर ने अपने देहांत से कुछ समय पहले अपना धर्म परिवर्तन किया था। मायावती ने कहा मैं भी जल्द ही बौद्ध धर्म अपनाउंगी।

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आरएसएस के बयान पर मायावती की सहमती नहीं

मायावती ने कहा कि वह कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान से भी मैं सहमत नहीं हूँ। जिसमे उन्होंने भारत को एक हिंदू राष्ट्र कहा था। मायावती ने कहा कि अंबेडकर ने धर्मनिरपेक्षता के आधार पर संविधान बनाया था। और धर्मनिरपेक्षता के आधार पर सभी धर्म के लोगों का ध्यान भी रखा था। आरएसएस प्रमुख को यह बयान देने से पहले सच्चर समिति की रिपोर्ट देखनी चाहिए थी।

बसपा प्रमुख मायावती ने नागपुर रैली में बीजेपी और कांग्रेस पर निशाना साधा

बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की गलत रणनीति से देश की अर्थव्यवस्था में सुस्ती आ गयी है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में दलित और आदिवासियों को प्रमोशन से वंचित रखा गया है। इसमें कांग्रेस और बीजेपी दोनों की मिली भगत है। मायावती ने कहा कि बीजेपी सरकार ने दलित और आदिवासियों के लिए बने कानून को निष्प्रभावी करने का काम करती है।