Citizenship Amendment Bill: क्या है नागरिकता संशोधन बिल, जाने इसकी महत्वपूर्ण बातें

image source- google

नागरिकता संशोधन बिल एक ऐसा बिल या विधेयक है जिसके अंतर्गत भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से भारत में आये गैर मुस्लिम नागरिकों को भारत की नागरिकता प्रदान की जाएगी। नागरिकता संशोधन बिल का मुख्य उद्देश्य उन गैर मुस्लिम नागरिकों की सहायता करना या स्वतंत्रता दिलाना जिनको पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में प्रताड़ित किया जाता है। जिनके साथ शोषण किया जाता है ऐसे व्यक्ति अपना देश छोड़कर भारत आ जाते हैं ऐसे ही शरणार्थियों को नागरिकता संशोधन बिल या विधेयक भारत की नागरिकता प्रदान करेगा। जिससे पीड़ित परिवार एक स्वतन्त्र जिंदगी जी सकेगा।

CAB पास होने पर क्या बोले पीएम, इनका किया धन्यवाद्

नागरिकता संशोधन बिल या विधेयक की महत्वपूर्ण बातें

  • नागरिकता संशोधन बिल या विधेयक का उद्देश्य भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के छह समुदायों हिन्दू, ईसाई, सिख, जैन, बौद्ध तथा पारसी के लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान करना है, इसमें मुस्लिम समुदाय को शामिल नहीं किया गया है।
  • नागरिकता संशोधन बिल के अंतर्गत मौजूदा कानूनों में संशोधन किया जाएगा, जिससे निर्धारित समुदायों के गैरकानूनी प्रवासियों को छूट प्रदान की जा सके।
  • नागरिकता संशोधन बिल का विपक्ष ने भारतीय संविधान में निहित धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों के खिलाफ बताते हुए विरोध किया क्योंकि नागरिकता संशोधन बिल में मुस्लिम समुदाय को शामिल नहीं किया गया है।
  • नागरिकता संशोधन बिल में अन्य संशोधन भी किए गए हैं, जिससे गैरकानूनी तरीके से भारत में आने वाले लोगों तथा पड़ोसी देशों में धार्मिक उत्पीड़न के शिकार होकर भारत आने वाले लोगों की सही तरीके से पहचान किया जा सके।
  • नागरिकता संशोधन बिल का विरोध देश के पूर्वोत्तर राज्य कर रहे हैं क्योंकि उनको इस बात की चिंता है कि पहले से यहाँ बसे बांग्लादेश के हिन्दुओं को भारत की नागरिता प्रदान कर दी जाएगी। जिससे भारत के लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
  • कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, द्रविड़ मुनेत्र कषगम, वामदल तथा राष्ट्रीय जनता दल जैसी कई अन्य विपक्ष पार्टियां नागरिकता संशोधन बिल का विरोध कर रही हैं उनका कहना है की इस विधेयक को वापस लिया जाए।