नोटबंदी के तीन साल पूरे होने पर सरकार पर विपक्ष के तीखे तेवर

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आज 8 नवम्बर 2019 को नोटबंदी के तीन साल हो चुके हैं ,8 नवम्बर 2016 रात्रि 8 :15 पर अचानक भारत सरकार द्वारा की गयी नोटबंदी विपक्ष को आज तक रास नहीं रही है जिसके चलते विपक्ष कभी भी कोई ऐसा मौका नहीं छोड़ती है जब भी उसे नोटबंदी पर कुछ भी बोलना हो। जैसा की हमेशा से होता आ रहा है और आज फिर कुछ ऐसा हुआ। जो की नोटबंदी के तीसरा साल पूरा हो जाने पर एक बार फिर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए तंज कसा है। आज सुबह जहाँ बसपा सुप्रीमो मायावती ने नोटबंदी पर सरकार पर तंज कसते हुए ट्वीट करके नोटबंदी को जल्दबाजी में लिया गया फैसला बताया और बेरोजगारी और ख़राब आर्थिक स्थिति का कारण भी नोटेबंदी पर ही थोप दिया।

नोटबंदी पर मायावती ने यह ट्वीट किया

बीजेपी की केन्द्र सरकार द्वारा बिना पूरी तैयारी के जल्दबाजी व अपरिपक्व तरीके से किये गये नोटबन्दी का दुष्परिणाम पिछले 3 वर्षों में विभिन्न रूपों में जनता के सामने लगातार आ रहा है बल्कि देश में बढ़ती बेरोजगारी व बिगडत़ी आर्थिक स्थिति इसी का मुख्य कारण है जिसपर जनता की पैनी नजर है।

वहीँ मायावती के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी नोटबंदी पर सरकार पर वार करने से पीछे नहीं रहे उन्होंने तो यहाँ तक की नोटेबंदी पर तंज कस्ते हुए पीएम मोदी को फ़कीर तक कह डाला।

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अखिलेश ने अपने ट्वीट में कहा- तीन साल पहले नोट बंद किए थे और अब तीन साल बाद बैंक बंद कर रहे हैं. जनता को मोह माया से मुक्त करने के लिए एक फ़क़ीर इससे ज़्यादा और कर ही क्या सकता है। अब तो नोटबंदी की लाइन में पैदा हुआ खजांची भी पूछ रहा है कि बड़े लोगों के पचास दिन का मतलब पचास महीने होता है या फिर पचास साल…