नोटबंदी पर लिखी गई किताब का अखिलेश यादव ने किया विमोचन

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भारतीय जनता पार्टी द्वारा तीन साल पहले नोटबंदी किये जाने पर एक किताब लिखी गई है जिसके लेखक दीपक पाण्डेय हैं। दीपक पाण्डेय ने किताब का शीर्षक ‘नोटबंदी एक मानव निर्मित त्रासदी’ रखा है। नोटबंदी की तीसरी सालगिरह के मौके पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस किताब का विमोचन किया। दीपक पाण्डेय ने इस किताब के ज़रिये बीजेपी सरकार को घेरने का प्रयास किया है। तीन साल पहले 8 नवम्बर को बीजेपी सरकार ने नोटबंदी किया था।

नोटबंदी के तीन साल पूरे हो गए हैं और इस मौके पर एनएसयूआई ने प्रदर्शन कर नोटबंदी के खिलाफ अपना विरोध जताया है। एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने इस दिन काला दिवस मनाया और कहा कि “नोटबंदी से हमें यह शिक्षा लेनी चाहिए कि आगे से इस तरह के मुद्दे होते हैं तो उससे गुमराह नहीं होना है”।

प्रदर्शन कर रहे एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं से पुलिस की झड़प हो गई और पुलिस ने बैरिकेडिंग कर के एनएसयूआई के कार्यकर्ताओ को रोका। प्रदर्शन कर रहे एनएसयूआई के सैकड़ो कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार करके बस में बैठाया और प्रदर्शन खत्म कराया।

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दीपक पाण्डेय द्वारा लिखी गई किताब में बताया गया है कि नोट बंदी करके देश को आर्थिक त्रासदी की ओर ढकेल दिया गया, नोटबंदी काले धन के लिए लड़ाई नहीं थी और नोटबंदी के बाद स्विस बैंक में 50% पैसे बढ़ गए। नोटबंदी के पश्चात ऊरी हुआ फिर पठानकोट हुआ और पुलवामा हुआ, यदि नोटबंदी से आतंकवाद खत्म हो जाता है तो क्या ये हमले होते? नोटबंदी को एक अजेंडा बना कर देश को लूट लिया गया और आर्थिक आपातकाल की ओर ढकेल दिया गया।