माउन्ट एवरेस्ट की ऊंचाई दोबारा मापी जाएगी

दुनिया की सबसे ऊँची छोटी माउन्ट एवरेस्ट की ऊंचाई को फिर से मापने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए चीन और नेपाल ने सहमति दे दी है। एक रिपोर्ट के अनुसार 4 साल पहले नेपाल में आये भूकंप की वजह से माउन्ट एवरेस्ट की ऊंचाई 3 सेंटीमीटर कम हो गयी है। जिसको लेकर अब माउन्ट एवरेस्ट की वास्तविक ऊंचाई पता करने के लिए दोबारा मापा जायेगा। इस समय एवरेस्ट कि उचाई 8848 मीटर है। अगर दोबारा मापे जाने पर ऊंचाई कम पायी गयी तो ये एक चिंता का विषय है।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग व नेपाल के प्रधानमंत्री ओपी शर्मा के बीच एवरेस्ट की ऊंचाई मापने को लेकर वार्ता हुई थी। जिसके बाद दोनों देश सहमत हुए और एवरेस्ट की ऊंचाई मापने का निर्णय लिया। बता दें इससे पहले 1855 में भारत ने माउन्ट एवरेस्ट की ऊंचाई को घोषित किया था। माउन्ट एवरेस्ट को नेपाल के लोग सागरमाथा कहते है। जिसका अर्थ है स्वर्ग का शीर्ष।

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माउन्ट एवरेस्ट

माउन्ट एवरेस्ट पर चढ़ने से पहले लगभग 40 दिन लोगों को तालमेल बैठाने में लग जाता है। एवरेस्ट पर अब तक 4000 लोग चढ़ने का प्रयास कर चुके है और 250 से ज्यादा लोग अपनी जान गवा चुके है। माउन्ट एवरेस्ट की ऊंचाई 29028 फ़ीट है। ये दक्षिण एशिया में हिमालय के शिखर पर है। एवरेस्ट के आस-पास के पहाड़ लोतसे 8516,न्यूप्से 7855, चांगटोब्स 7580 मीटर की ऊंचाई है।