अब धूएं से धूआं-धूंआ नही होगी जिंदगी, सरकार ने उठाया बड़ा कदम

फेफड़े खराब करने के लिए प्रदूषण कम था क्या जो शौकिया धुआं उड़ाने लगे। फेफड़े को छलनी करता यह धुआं अब जिंदगी को भी निगलने लगा है। सिगरेट हो या ई-सिगरेट या हो हुक्का इससे निकलने वाला धुआं युवाओं की जिंदगी बर्बाद कर रहा है। शौकिया शुरु करने के बाद इसकी लत ने सिगरेट पीने वालों को क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव प्लमोनरी डिसीज (सीओपीडी) जैसी बीमारी के चपेट में आते जा रहे हैं। तमाम चेतावनी और जागरुकता के बाद न रुकने वाले इस लत पर अब सरकार ने अपना डंडा चलाया है।

94 फीसदी महिलाएं-74 फीसदी पुरुष घर में पीते हैं सिगरेट

एक सर्वेक्षण के मुताबिक, 81 फीसदी सिगरेट पीमे वाले घर में धूम्रपान करते हैं, जबकि 19 फीसदी लोग परिवार की मौजूदगी के कारण घर पर सिगरेट नहीं पीते। इसके अलावा 94 फीसदी सिगरेट पीने वाली महिलाएं और 74 फीसदी पुरुष घर पर ही सिगरेट पीते हैं।

सिगरेट से भारत में हर दिन 2739 लोगों की होती है मौत

ग्लोबल अडल्ट तंबाकू सर्वेक्षण (GATS-2) के मुताबिक भारत में धुंआ रहित तंबाकू का सेवन धूम्रपान के कहीं ज्यादा है। वर्तमान में 42.4% पुरुष, 14.2 % महिलाएं और सभी वयस्कों में 28.8 % धुंआं रहित तंबाकू का सेवन करते हैं। आंकड़ों के मुताबिक 29.6 फीसदी पुरुष, 12.8 फीसदी महिलाएं और 21.4 फीसदी वयस्क धुआं रहित तंबाकू का उपयोग करते हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि तंबाकू के सावन से पूरी दुनिया में 70 लाख लोग और भारत प्रत्येक दिन 2739 लोगों की मौत होती है।

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सरकार ने उठाया बड़ा कदम

अब केन्द्र सरकार ने भारत में होने वाली इन मौतों को रोकने का बीड़ा उठाया है। हालांकि इससे पहले भी सिगरेट पर चेतावनियां जारी की थी लेकिन उसका कोई खास असर नहीं पड़ा। लोगों में सिगरेट की लत बढ़ती रही लेकिन अब सिगरेट पीने वालों की खैर नहीं है। सरकार ने अब सिगरेट,ई सिगरेट और हुक्का पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है।

ई-सिगरेट, हुक्का रखने और बेचने पर प्रतिबंध

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया है कि ई-सिगरेट को बनाने और बेचने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग गया है। अब सवाल उठता है कि जिन दुकानदारों और स्टॉकिस्ट के पास ई-सिगरेट मौजूद है तो वह या तो उसे थाने में जमा कराएं या फिर कंपनी को वापस करें। इसमें सरकार किसी तरह की रियायत देने के मूड में नही है।

समझिए क्या होगा अगर आपके पास ई-सिगरेट मिलती है तो…

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कि ई-सिगरेट को बनाना, आयात-निर्यात, बिक्री, वितरण, स्‍टोर करना और विज्ञापन करना सब पर प्रतिबंध लगा दिया है। वित्‍त मंत्री ने कहा कि ‘ई-सिगरेट ऑर्डिनेंस 2019’ को मंत्रियों के समूह ने कुछ समय पहले ही इस पर विमर्श किया था।

-ऑर्डिनेंस के ड्रॉफ्ट के अनुसार पहली बार कानून का उल्‍लंघन करने पर एक लाख रुपये का जुर्माना और एक साल की सजा का प्रावधान

-अगस्त में ई-सिगरेट निषेध अध्यादेश, 2019 प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश के बाद एक जीओएम को भेजा गया था

-ई-सिगरेट ऑर्डिनेंस को अब राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के लिए भेजा जाएगा

-हस्ताक्षर होने के तुरंत बाद ये कानून बन जाएगा,इसे छह महीने में संसद में पास कराना होगा

-जिन दुकानदारों और स्टॉकिस्ट के पास ई-सिगरेट है उसे नजदीकी पुलिस स्टेशन में जमा करें या फिर कंपनी को वापस करें

-किसी व्यक्ति ने ई-सिगरेट अपने पास रखी है तो उसे पुलिस स्टेशन में जमा करा दें

-ऐसा न करने पर जेल और जुर्माने का भुगतान करना पड़ सकता है

-पहली बार उल्लंघन करने वालों पर एक लाख रुपये के जुर्माने के साथ एक साल जेल

-बार-बार अपराध करने वालों के लिए पांच लाख रुपये का जुर्माना और अधिकतम तीन साल की जेल

-ई-सिगरेट के सेहत पर पड़ने वाले असर के चलते कई देशों में पहले ही बैन किया जा चुका है