पहली ग्रेजुएट भारतीय महिला कामिनी रॉय की जयंती आज

महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ने वाली और देश आजाद होने से पहले ही ग्रेजुएट होने वाली पहली भारतीय महिला कामिनी रॉय थी, आज उनकी जयंती है। गूगल ने भी डूडल बना कर कामिनी रॉय को याद किया। बता दे कामिनी रॉय की आज 155 वीं जयंती है।

शाही परिवार से थी कामिनी रॉय

कामिनी रॉय ने उस समय ग्रेजुएट किया जब देश में अंग्रेजों का राज था। ये बंगाल की रहने वाली है और इनका परिवार उस समय धनी परिवारों में से एक था। कामिनी के भाई कोलकाता के मेयर और बहन नेपाल में डॉक्टर थी। कामिनी रॉय ने बीए ऑनर्स बेथुन कॉलेज से किया और इसी कॉलेज में टीचर के पद पर कार्य भी किया।

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महिलाओं के लिए किये काम

महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने और जागरूक करने के लिए कामिनी रॉय ने कई आंदोलन किये और महिलाओं को समाज में बराबरी का हक तथा वोट डालने का अधिकार दिलाया। कामिनी रॉय एक पढ़ी लिखी जागरूक महिला थी और वो देश की सभी महिलाओं को अपनी तरह शिक्षित और जागरूक करना चाहती थी। कामिनी रॉय ने अपना पूरा जीवन समाज की सेवा करने के लिए समर्पित कर दिया था। आज उनकी जयंती पर पूरा देश उन्हें याद कर रहा है।