भारतीय टीम के क्रिकेटर वीरेंदर सहवाग का 41 वा जन्मदिन आज

भारतीय टीम के प्रसिद्ध बल्लेबाज खिलाडी वीरेंदर सहवाग आज आपने 41 वा जन्मदिन मना रहे है। जैसा की आप सब जानते है की दुनिया के बेहतरीन से बेहतरीन गेंदबाजों की पिटाई करके उनकी लाइन और लेंथ बिगाड़ने को अपनी आदत बनाने वाले टीम इंडिया के पूर्व विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग आज 41 साल के हो गए हैं। एक ऐसा क्रिकेटर जो हमेशा कहता, ‘गेंद का काम है बाउंड्री के पार जाना और मेरा काम है उसे पहुंचाना’। छक्के से शतक, दोहरा शतक यहां तक की तिहरा शतक पूरा करने वाले विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग का आज जन्मदिन है। वीरेंद्र सहवाग का जन्म 20 अक्टूबर 1978 को दिल्ली के नजदीक नजफगढ़ में हुआ था।

कई परियां खेली वीरू ने

अपने करियर में सहवाग ने कई ऐतिहासिक पारियां खेली। दाएं हाथ के इस विस्फोटक बल्लेबाज ने 104 टेस्ट में 49.3 के धमाकेदार औसत से 8586 रन बनाए। सहवाग ने 251 वनडे मैचों में 35 की औसत से 8273 रन बनाये। सहवाग ने अपने इंटरनेशनल करियर में कुल 38 शतक बनाये है। इस खिलाड़ी ने तबतक 15 की घटिया औसत से 15 वन-डे में कुल 169 रन ही बनाए थे। न्यूजीलैंड के 264 रन के जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय पारी की पहली ही गेंद पर इस खिलाड़ी ने जबरदस्त चौका जड़ा। जल्द ही यह खिलाड़ी अर्धशतक तक पहुंच गया और देखते ही देखते अपना शतक भी पूरा कर लिया।

दाएं हाथ करते थे बल्लेबाजी

दाएं हाथ के इस दिग्गज बल्लेबाज ने एक ऐसा रिकॉर्ड भी बनाया है जो दुनिया के किसी भी बल्लेबाज के नाम नहीं है। वीरेंद्र सहवाग दुनिया के इकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं जो टेस्ट क्रिकेट में 90, 190 और 290 के बाद आउट हुए हैं। अगर सहवाग अपने तीसरे तिहरे शतक को पूरा कर लेते तो वो एक वर्ल्ड रिकॉर्ड होता। वीरेंद्र सहवाग टेस्ट क्रिकेट में श्रीलंका के खिलाफ 293, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 195 और श्रीलंका, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के खिलाफ नर्वस 90 का शिकार हुए हैं।

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बचपन से ही था क्रिकेट का शौक

सहवाग में बचपन से ही क्रिकेट खेलने का शौक का था। सहवाग जब 12 साल के थे तो एक क्रिकेट मैच के दौरान उनका दांत टूट गया था। जिसके बाद उनके पिता ने उनके क्रिकेट खेलने पर बैन लगा दिया था। हालांकि अपनी मां की मदद से उन्होंने एक बार फिर क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया। वीरेंद्र सहवाग ने पाकिस्तान के खिलाफ साल 1999 में पहला वनडे मैच खेला जिसमें उन्होंने महज 1 रन बनाया और उन्होंने अपने 3 ओवर में 35 रन लुटा दिए। डेब्यू में खराब प्रदर्शन के बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया और उन्हें दूसरे मैच के लिए एक साल का इंतजार करना पड़ा। सहवाग का करियर उनके चौथे वनडे से चमका जब उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 58 रन बनाए और इसके साथ-साथ उन्होंने 3 विकेट भी लिये।

2015 में टीम से होना पड़ा बहार

अपने पहले ही टेस्ट मैच में शतक ठोकने वाले इस बल्लेबाज गेंद की बखिया उखाड़ने में कोई सानी नहीं था। इस वक्त तक कोई नहीं सोच सकता था कि इस महान खिलाड़ी को मैदान में तालियों की गड़गड़ाहट के बीच खेल को अलविदा कहने का मौका नहीं मिलेगा। मगर भारतीय क्रिकेट की बुरी परंपरा से सहवाग भी नहीं बच पाए। 2015 में टीम से बाहर हुए तो फिर वापस ही नहीं आ सके। हैप्पी बर्थडे वीरू अपने दमदार खेल से अरसों तक विश्व क्रिकेट का मनोरंजन करने के लिए।