प्रसिद्ध वकील राम जेठमलानी का निधन, हाज़िर जवाबी में नहीं था कोई जवाब

  • अंतिम संस्कार के समय दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और केंद्रीय विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद थे मौजूद।
  • बटवारे से पहले 17 साल की आयु में वह कराची की एक अदालत में पेश हुए लेकिन आज़ादी के बाद 1948 में वह आ गए थे भारत।
  • राम जेठमलानी का 14 सितम्बर को होता था जन्मदिन।
  • राम जेठमलानी का दिल्ली के लोधी रोड स्थित शमशान घाट पर किया गया अंतिम संस्कार।
  • राम जेठमलानी ने दिल्ली के अपने आधिकारिक आवास में सुबह 7:45 बजे ली आखरी सांस।

भारत के जाने माने वकील राम जेठमलानी का 95 वर्ष की आयु में दिल्ली में निधन हो गया। उन्होंने बहुत ही जटिल और कठिन अपराधिक मामलों में वकालत की थी और इंदिरा गाँधी तथा राजीव गाँधी के हत्यारों के बचाव में मुकदमा लड़ा था। प्रख्यात वकील राम जेठमलानी ने दिल्ली के अपने आधिकारिक आवास में सुबह 7:45 बजे आखरी सांस ली। राम जेठमलानी जैसा वकील बनना आसान नहीं है। हाज़िर जवाबी में उनका कोई जवाब नहीं था, निर्भय होकर तर्कों के आधार पर वह अपनी बात रखते थे।

राम जेठमलानी ने क्रिमिनल लॉयर के तौर पर जो उपलब्धि हासिल की वो मुकाम हासिल करना सभी वकीलों का ख्वाब होता है। उनके बहुत से मुक़दमे इतिहास में दर्ज हो चुके हैं। राम जेठमलानी 1959 में वकील के तौर पर सुर्ख़ियों में आये। तब वह महाराष्ट्र और नानावटी के मामले में अभियोजकों की टीम में थे। उन्होंने करीब 70 साल तक वकालत की और इस दौरान उन्होंने फौजदारी से लेकर आर्थिक और कारोबारी मुकदमों में अपनी दलीलें पेश कीं। कुछ महीनों से जेठमलानी लगातार बीमार चल रहे थे और अदालत के मुकदमों में आना छोड़ दिया था। पिछले 10 सालों में उन्होंने बहुत ही संवेदनशील आपराधिक मुक़दमे लड़े थे। बटवारे से पहले 17 साल की आयु में वह कराची की एक अदालत में पेश हुए थे लेकिन आज़ादी के बाद 1948 में वह भारत आ गए।

पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का निधन

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार में राम जेठमलानी केंद्रीय कानून मंत्री और शहरी विकास मंत्री रह चुके थे। उसके बाद लखनऊ की सीट पर 2004 के लोकसभा चुनाव में उनके ही विरुद्ध चुनाव लड़ा। वर्ष 2010 में वह उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रहे।

राम जेठमलानी का अंतिम संस्कार दिल्ली के लोधी रोड स्थित शमशान घाट पर किया गया। उनके परिवारीजनों और मित्रों के अलावा बहुत से गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। अंतिम संस्कार के समय दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और केंद्रीय विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद मौजूद थे। वरिष्ठ अधिवक्ता तथा उनके पुत्र महेश जेठमलानी ने मुखाग्नि दी। इस दौरान जेठमलानी की पुत्रवधु और पुत्री शोभा उपस्थित थीं।

महेश ने बताया राम जेठमलानी का जन्मदिन 14 सितम्बर को होता था। अपने 96वें जन्मदिन से कुछ दिनों पहले ही उनका निधन हो गया। जेठमलानी के परिवार में महेश के अतिरिक्त उनकी पुत्री है जो अमेरिका में रहती है। उनकी एक और पुत्री रानी जेठमलानी का 2011 में निधन हो गया था तथा उनके एक अन्य पुत्र जनक का भी निधन हो चुका है।