हरियाणा-महाराष्ट्र में चुनाव कल, 24 को होगी मतगणना

● हरियाणा व महाराष्ट्र में 21 अक्टूबर को मतदान होगा और मतगणना 24 अक्टूबर को होगी
● भाजपा ने हरियाणा में 90 में से 75 सीटों पर जीत दर्ज करने का रखा लक्ष्य
● 17 राज्यों की 64 विधानसभा सीटों के लिए होंगे उपचुनाव
● महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी मिलकर लड़ेंगे चुनाव 

हरियाणा व महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव के लिए जारी प्रचार अभियान शनिवार शाम को खत्म हो गया। हरियाणा व महाराष्ट्र में 21 अक्टूबर को मतदान होगा और मतगणना 24 अक्टूबर को होगी। हरियाणा में अंतिम दिन नरेंद्र मोदी ने रेवाड़ी और एलनाबाद में दो रैलियों को संबोधित किया। भाजपा ने हरियाणा में 90 में से 75 सीटों पर जीत दर्ज करने का लक्ष्य रखा है। महाराष्ट्र में विधानसभा की 288 जबकि हरियाणा में 90 सीटे हैं। मतदान के लिए सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं और सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रखने के पूरे इंतजाम किए गए हैं। हलांकि इस समय विधानसभा में पार्टी के 48 विधायक हैं।

विधानसभा चुनाव के अंतिम दिन गोविंदा ने किया प्रचार

विधानसभा चुनाव के कई राज्यों की विधानसभा सीटों के लिए होगे उपचुनाव

हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुनाव के साथ ही 17 राज्यों की 64 विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव भी हो रहे हैं। इनमें कर्नाटक की 15, उत्तर प्रदेश की 11, केरल और बिहार की पांच-पांच, गुजरात, असम और पंजाब की चार-चार, सिक्किम की तीन, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु और राजस्थान की दो-दो और अरुणाचल प्रदेश, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, मेघालय, ओडिशा और पुडुचेरी की एक-एक सीटें शामिल हैं. इन सीटों पर भी मतदान 21 अक्टूबर को होगा। जिसके लिए प्रचार थम गया है। 24 अक्टूबर को चुनाव नतीजे आएंगे।

महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी मिलकर लड़ेंगे चुनाव

वहीं महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। जबकि शिवसेना और बीजेपी साथ में चुनावी मैदान में हैं। बीजेपी जहां 163 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। वहीं शिवसेना 124 सीटों पर मैदान में है। चुनाव प्रचार में भाजपा ने बाकी दलों को पीछे छोड़ दिया। भाजपा का तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, नितिन गडकरी जैसे कई दिग्गज नेता जुटे। भाजपा ने वीर सावरकर को भारत रत्न देने का मुद्दा उछाला जिस पर सियासत गर्म रही। विपक्षी दलों ने इसे लेकर भाजपा को घेरा वहीं भाजपा ने हर रैली में सावरकर को भारत रत्न देने की मांग दोहराई। चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने पाकिस्तान और कश्मीर का मुद्दा भी जोर शोर से उठाया जिसके आगे कांग्रेस-एनसीपी कमजोर नजर आई।