अशोक गहलोत सरकार पर संकट, जाने क्या एमपी जैसा हाल राजस्थान में भी होगा

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कांग्रेस पार्टी पर मुसीबतों का दौर थम नहीं रहा है। मध्य प्रदेश के बाद अब राजस्थान में सरकार बचाने की नौबत आ गई है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच तनातनी देखने को मिल रही है।

दरअसल विधायकों के खरीद-फरोख्त के मामले में एसओजी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट समेत 20 मंत्रियों, विधायकों को नोटिस जारी किया है। इन सभी को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। एसओजी के नोटिस मिलने से सचिन पायलट, मुख्यमंत्री गहलोत से नाराज है और वह दिल्ली आलाकमान से मिलने पहुंचे हैं।

सचिन पायलट को 24 विधायकों का समर्थन

सूत्रों के अनुसार सचिन पायलट के पास 24 विधायकों का समर्थन है। ये विधायक हरियाणा के एक होटल में रुके हुए हैं और इनके मोबाइल फोन बंद है। वहीं सचिन पायलट दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने के लिए पहुंच चुके हैं। लेकिन अभी उन्होंने कोई समय तय नहीं किया है।

उधर राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपनी सरकार बचाने के लिए मंत्रियों और समर्थक विधायकों की विशेष मीटिंग बुलाई है। जिसके बाद सियासी गलियारों में चर्चा होने लगी है कि राजस्थान में भी कांग्रेस का हाल मध्यप्रदेश की तरह ना हो जाए।

राजस्थान में सरकार बनाने का गणित

राजस्थान के 200 सदस्य विधान सभा में कांग्रेस के 107 विधायक हैं जिनमें से 6 बहुजन समाजवादी पार्टी के हैं। यदि सचिन पायलट के समर्थक विधायक इस्तीफा देते हैं तो कांग्रेस को बहुमत के लिए 6 विधायकों की आवश्यकता होगी। वहीं बीजेपी के पास 75 विधायक हैं। बीजेपी को राजस्थान में सरकार बनाने के लिए 14 और विधायकों की आवश्यकता होगी। बताते राजस्थान में 18 निर्दलीय विधायक हैं। राजस्थान में सरकार बनाने के लिए इन विधायकों पर भी बीजेपी और कांग्रेस की नजर रहेगी।

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