उन्नाव बलात्कार पीड़िता केस में सामने आये तीन और केस

सीबीआई द्वारा की गयी जांच से सामने आया कि उन्नाव बलात्कार पीड़िता के साथ ये तीन और केस है जो की कुलदीप सेंगर से जुड़े हुए है। मगर यह केस उन्नाव बलात्कार पीड़िता केस से अलग है। इस उन्नाव गैंगरेप मामले में सीबीआई ने जाँच करते हुए नरेश तिवारी, बृजेश यादव सिंह और शुभम सिंह के खिलाफ आरोप पत्र दर्ज किया।

कौन से तीन केस सामने आये है

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उन्नाव गैंगरेप मामले में आरोप पत्र दाखिल किया है। सीबीआई ने यह आरोप पत्र नरेश तिवारी, बृजेश यादव सिंह और शुभम सिंह के खिलाफ दायर किया है। आपको बता दें कि यह मुकदमा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के मुक़दमे से अलग है। इस मुक़दमे को 20 जून 2017 में दर्ज कराया गया था।

इस मुक़दमे के अनुसार कुलदीप सिंह सेंगर द्वारा बलात्कार किए जाने के एक सप्ताह बाद पीड़िता का अपहरण कर और उसके साथ गैंगरेप करने के आरोप में नरेश तिवारी, बृजेश यादव और शुभम सिंह (जो की शशि सिंह के बेटे है और कुलदीप सेंगर के सहयोगी भी) को नामित किया गया था।

उन्नाव रेप केस का खुलासा, कुलदीप सेंगर को न्यायिक हिरासत में भेजा

इस मामले में केस दर्ज होने के बाद तीनों आरोपियों को पहले गिरफ्तार किया गया। लेकिन अपहरण का मुकदमा दर्ज होने के बाद अगले दिन ही तीनो को जमानत पर यूपी के औरैया जिले से मुक्त कराया लिया गया था। लड़की के बयान अनुसार लड़की का अपहरण करने के बाद उसे कानपुर के एक मकान में रखा गया था, जहाँ पर उसके साथ सामूहिक दुराचार किया गया। जिसके बाद उसे बेच दिया गया था।

केस में क्या घटना घटित हुई

पीड़िता रेप के मामले में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के साथ अन्य के खिलाफ भी मुकदमा चल रहा है। इस केस में सेंगर और शशि सिंह पर धारा 120 बी, 363, 366, 376 और 506 के तहत सीबीआई द्वारा पहले ही आरोप पत्र दाखिल किया जा चूका है। जिसके बाद सीबीआई ने दूसरी चार्जशीट में पांच आरोपियों अतुल सिंह सेंगर, विनीत सोनू, शशि सिंह के खिलाफ दर्ज की, जिस चार्जशीट में हत्या का भी मामला सामने आया।

जिला न्यायाधीश धर्मेश शर्मा के समक्ष जब इस सामूहिक बलात्कार के मामले का आरोपपत्र दाखिल किया गया तो अदालत ने मामले को 10 अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध कर दिया। इससे पहले जांच एजेंसी ने अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल करने तथा अभियोजन पक्ष के समर्थन में बयान देने वाले गवाहों की सूची जमा करने के लिए समय मांगा था।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने आरोपपत्र में नरेश तिवारी, ब्रजेश यादव सिंह और शुभम सिंह के नाम आरोपियों के तौर पर दाखिल कर दिए है। फिलहाल तीनों जमानत पर छोड़ दिए गए हैं। आरोपपत्र के अनुसार तीनों ने 4 जून की घटना के एक सप्ताह बाद लड़की का कथित तौर पर अपहरण किया और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इस दुष्कर्म में शुभम सिंह की मां शशि सिंह ही कथित तौर पर पीड़िता को बहलाकर चार जून को विधायक के आवास पर ले गई थी।