चिन्मयानंद पर ‘लटकी हुई है गिरफ्तारी की तलवार’, छात्रा ने कहा नहीं हुई गिरफ़्तारी तो कर लूगी आत्महत्या

पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और बीजेपी नेता स्वामी चिन्मयानंद पर यौन शोषण के आरोप लगाने वाली लॉ की छात्रा बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गई है। पीड़ित छात्रा का कहना है कि 164 के तहत बयान दर्ज करवाने के बावजूद अब तक स्वामी चिन्मयानंद पर न तो रेप का केस दर्ज हुआ और ना ही उनकी अब तक गिरफ्तारी हो सकी है। छात्रा का कहना है कि स्वामी की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वह आत्महत्या कर लेगी।

SIT जांच पर नहीं है भरोसा

इससे पहले मंगलवार शाम छात्रा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए पुलिस और एसआईटी के काम पर सवाल उठाया था। उसने कहा था कि पुलिस अब भी स्वामी चिन्मयानंद पर कार्रवाई नहीं कर रही है। पीड़ित छात्रा का कहना है कि अब उसे एसआईटी की जांच पर भरोसा नहीं रहा है, क्योंकि 164 के बयान दर्ज कराने के 24 घंटे से ज्यादा का समय बीत चुका है। लेकिन अभी तक स्वामी चिन्मयानंद की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पीड़ित का कहना है कि एसआईटी की टीम कल से उन्हें कुछ बता नहीं रही है साथ ही फोन भी नहीं उठा रही है।

लटकी हुई है गिरफ्तारी की तलवार

बीजेपी नेता स्वामी चिन्मयानंद पर रेप और यौन शोषण का आरोप लगाने वाली लॉ की छात्रा ने मैजिस्ट्रेट के सामने धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराए थे। छात्रा के बयान दर्ज होने के बाद ऐसा माना जा रहा था कि स्वामी चिन्मयानंद पर रेप की धारा बढ़ाकर कभी भी गिरफ्तारी की जा सकती है। लेकिन सोमवार देर रात ही स्वामी चिन्मयानंद ने स्वास्थ्य संबंधित शिकायत की। जिसके बाद डॉक्टरों के एक दल ने चिन्मयानंद की मेडिकल जांच की। फिलहाल उन्हें उनके घर पर ही चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

काकोरी कांड का नायक, महान क्रन्तिकारी : अशफाक उल्ला खान

यह है पूरा मामला

23 अगस्त को शाहजहांपुर से लॉ की छात्रा लापता हो गई थी। इसके एक दिन बाद लड़की ने सोशल मीडिया में वीडियो पोस्ट कर बताया था कि संत समुदाय का एक प्रभावशाली नेता उसे परेशान कर रहा है और मारने की धमकी दे रहा है। छात्रा के पिता ने बाद में चिन्मयानंद पर उनकी बेटी और अन्य छात्राओं के शोषण का आरोप लगाया था। 27 अगस्त को लड़की के पिता की शिकायत के आधार पर चिन्मयानंद के खिलाफ आईपीसी की धारा 364 (अपहरण या हत्या के लिए अपहरण) और धारा 506 (आपराधिक धमकी) के तहत केस दर्ज किया था। 30 अगस्त को राजस्थान में लॉ स्टूडेंट का पता चला और बाद में उसे सुप्रीम कोर्ट में पेश किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने उसकी शिकायतों के आधार पर यूपी सरकार को एसाआईटी का गठन करने का आदेश दिया।

आत्मदाह करने की दी धमकी

बुधवार को एलएलएम छात्रा ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि अगर जल्द ही स्वामी चिन्मयानंद की गिरफ्तारी नहीं की गई तो वह मिट्टी का तेल छिड़ककर आत्महत्या कर लेगी। इस बयान के बाद एसआईटी ने बुधवार शाम को प्रेस कन्फ्रेंस की। एसआईटी चीफ आईजी नवीन अरोड़ा ने कहा कि किसी की भावनाओं के अनुरूप या किसी की अपेक्षा के अनुसार एसआईटी जांच नहीं करेगी। तथ्यों और बयानों के आधार पर एसआईटी जांच कर रही है। बोले कि सभी पक्षों को संयम बरतने की जरूरत है।

इधर, स्वामी पर आरोप लगाने वाली एलएलएम छात्रा की तीन सहेलियों को एसआईटी ने बयान के लिए तलब किया था, जिसमें दो लड़कियां एसआईटी ऑफिस पहुंची। वहां उन्होंने बयान दर्ज कराए। एक लड़की नहीं आ सकी, इसलिए उसके बयान लेने के लिए एसआईटी तिलहर पहुंची।

बता दें कि बीते सोमवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम के कोर्ट में धारा 164 के तहत आरोप लगाने वाली छात्रा के कलमबंद बयान दर्ज किए गए थे। साढ़े चार घंटे तक छात्रा ने अपनी आपबीती सुनाते हुए करीब 20 पेज में बयान दर्ज कराए थे।

इसके बाद छात्रा को कड़ी सुरक्षा में वापस घर भेज दिया गया। पीड़ित छात्रा को सोमवार सुबह लगभग 10 बजे पुलिस की कड़ी सुरक्षा में पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस के बराबर वाले गेट से कचहरी में लाया गया था। 10:05 बजे उसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ओमवीर सिंह के कोर्ट में ले जाया गया जहां से उसे बयान दर्ज कराने के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम के कोर्ट में भेज दिया गया। यहां कोर्ट में न्यायिक मजिस्ट्रेट गीतिका सिंह ने पीड़ित के बयान लेने शुरू किए।

इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से कोर्ट के बाहर सीओ महेंद्रपाल सिंह, चौक कोतवाली इंस्पेक्टर प्रवेश सिंह, सदर कोतवाली के एसएसआई अमित सिंह, महिला इंस्पेक्टर भारी पुलिस फोर्स के साथ मौजूद रहीं।