पहले से ही आईएसआईएस के निशाने पर थे कमलेश

kamlesh tiwari accused arrested

प्रदेश लखनऊ एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया की ऐसा लग रहा है कि आपसी रंजिश के तहत घटना को अंजाम दिया गया है। बता दें की आईएसआईएस के निशाने पर हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी पहले से ही थे। क्योकि गुजरात एटीएस के हत्थे चढ़े दो संदिग्धों की पूछताछ में कमलेश तिवारी का नाम सामने आया था।पकड़े गए दो अपराधी उबेद मिर्जा और कासिम ने पूछताछ में कमलेश तिवारी का नाम भी लिया था। जानकारी मुताबिक है की दोनों संदिग्धों को कमलेश तिवारी का वीडियो दिखाकर मारने के लिए कहा गया था।

बता दें की प्रदेश की राजधानी लखनऊ में दिनदहाड़े हिंदू महासभा के नेता कमलेश तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। बताया जा रहा है कि भगवा कपड़े पहने दो बदमाश कमलेश तिवारी के दफ्तर में घुसे और वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए।उन्हें आनन फानन में ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। सूत्रों के मुताबिक, हमलावर मिठाई का डिब्बा सौंपने के बहाने खुशीर्द बाग इलाके में स्थित तिवारी के कायार्लय में घुसे थे। उनमें से एक भगवा रंग के कपड़े पहने था। बातचीत के बाद अचानक मिठाई के डिब्बे में छिपाकर लाए असलहा और चाकू से हमला बोल दिया। वारदात को अंजाम देकर भाग निकले।

लखनऊ में हिन्दू नेता कमलेश तिवारी की गोली मारकर हत्या

हिंदू महासभा के अध्यक्ष रहे कमलेश तिवारी को पैगंबर मोहम्मद साहब के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करने के मामले में रासुका राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बाद 2017 विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने हिंदू समाज पार्टी का गठन किया था। घटना के चश्मदीद कार्यालय नौकर ने बताया कि बीती रात से गनर ड्यूटी पर आया ही नहीं। कार्यालय के बाहर एक सिपाही ड्यूटी पर तैनात था, लेकिन सो रहा था। उसने उन दोनों बदमाशों को अंदर भेजते समय ठीक से जांच ही नहीं की।