मंत्रिमंडल का विस्तार कर्नाटक में आज 17 विधायकों ने ली शपथ

मंगलवार को कर्नाटक में येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री बनने के एक महीने बाद अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया। येदियुरप्पा की कैबिनेट में एससी-एसटी समुदाय के चार वोक्कालिगा समुदाय के तीन ओबीसी के दो ब्राह्मण समाज से एक और लिंगाय समुदाय के सात लोगों को मंत्री चुना गया है।

मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा भी लिंगायत समुदाय केअंतर्गत आते है| अब मुख्यमंत्री सहित कुल  8 लोग लिंगायत समुदाय से हो गए है। पिछले माह एचडी कुमार स्वामीकी सरकार गिर गई थी। एचडी कुमार स्वामी की ये सरकार जेडीएस और कांग्रेस के गठबंधन से बनी थी। इस सरकार के गिरने के बाद भारतीय जनता पार्टी कर्नाटक में अपनी सरकार बनाने में सफल रही। 

ये हैं येदियुरप्पा कैबिनेट के 17 मंत्री

येदियुरप्पा की कैबिनेट में अलग अलग समुदाय के 17  विधायकों ने शपथ ली है, ये विधायक क्रमशः सीसी पाटिल, बसवराज बोम्मई, सुरेश कुमार, नागेश, सोममन्ना, अश्वथनारायण, सीटी रवी, अशोक, मधुस्वामी, प्रभु चवन, ईश्वरप्पा, जगदीश शेट्टार, कोटा पुजारी, श्रीरामुलु, गोविंद करजोल, शशिकला जोले और लक्ष्मण सावदी हैं। इन मंत्रियों को येदियुरप्पा मंत्रिमंडल में जगह मिली है। 

मंगलवार की शपथग्रहण समारोह से पहले सोमवार को येदियुरप्पा अमित शाह से मिलने दिल्ली गए।  अमित शाह बीजेपी के अध्यक्ष और गृह मंत्री हैं। इस मुलाक़ात से पहले बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि वह बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह जी से मिलने जा रहे हैं और विधायकों कि अंतिम सूची उनसे प्राप्त करेंगे| उसके बाद मंगलवार को 10:30 बजे मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा।

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येदियुरप्पा का सियासी सफर

बुकानकेरे सिद्धालिंगप्पा येदियुरप्पा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से अपने सियासी सफर कि शुरुआत कि थी| सन 2007 में येदियुरप्पा ने पहली बार राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में कुर्सी संभाली। दुबारा मई 2008  में फिर से कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने और अगस्त 2011 तक पदभार संभाला, लेकिन भ्रष्टाचार के इलज़ाम लगने की वजह से उनको पद छोड़ना पड़ा।तीसरी बार वह 2018 में विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री बने, लेकिन बहुमत सिद्ध नहीं कर पाए और उनको इस्तीफा देना पड़ा| अब येदियुरप्पा ने चौथी बार फिर से कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाला है।