BSP सुप्रीमो का बड़ा फैसला, राजस्थान कार्यकारिणी किया भंग

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने सोमवार 23 सितम्बर को एक बड़ा फैसला लेते हुए राजस्थान की पूरी कार्यकारिणी को भंग कर दिया। अभी हाल ही में बसपा के 6 विधायकों ने पार्टी छोड़ दी थी और कांग्रेस में शामिल हो गए थे जिसके चलते मायावती ने ये बड़ा फैसला लिया। मायावती ने राजस्थान में पूर्व राज्यसभा सांसद मुनकाद अली और नेशनल कोऑर्डिनेटर रामजी गौतम को पार्टी का काम काज देखने के लिए नियुक्त कर दिया है। बसपा से राजस्थान के प्रदेश प्रभारी भगवान् सिंह बाबा ने बताया कि यह कदम पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के निर्देश पर लिया गया है।

विधायकों के दल बदलने के बाद कार्यकारिणी बुलाई गई जहाँ कार्यकर्ताओं के बीच जमकर लात घूंसे चले। मायावती ने तीखी प्रतिक्रिया दर्शाते हुए कांग्रेस को धोखेबाज़ और गैर भरोसेमंद पार्टी कहा। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि “राजस्थान में कांग्रेस पार्टी की सरकार ने एक बार फिर बसपा के विधायकों को तोड़कर गैर-भरोसेमन्द एवं धोखेबाज पार्टी होने का प्रमाण दिया है। यह बसपा मूवमेन्ट के साथ विश्वासघात है जो दोबारा तब किया गया है जब बसपा वहां कांग्रेस सरकार को बाहर से बिना शर्त समर्थन दे रही थी”।

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बहुजन समाज पार्टी के 6 विधायकों में किशन गढ़ बास से दीपचंद खेरिया, उदयपुर वाटी से राजेंद्र सिंह गुढ़ा, करौली से लाखन सिंह, नगर से वाजिद अली, तिजारा से संदीप कुमार और नदबई से जोगेंद्र सिंह अवाना ने पार्टी छोड़ दी थी। जयपुर में राजस्थान के विधानसभा अध्यक्ष ने देर रात बताया कि बसपा विधायकों ने उनसे मिलकर एक पात्र सौंपा है।