65 की हुईं मस्तानी आंखों वाली रेखा, जाने कैसा रहा उनका फ़िल्मी सफर

ऐक्ट्रेस रेखा ने अपने टैलेंट और खूबसूरती के दम पर बॉलीवुड में अपनी अलग जगह बनाई है। आज भी रेखा अपनी खूबसूरती के लिए बॉलीवुड में जानी जाती है। आज उनके 62वें जन्मदिन के खास मौके पर हम आपको उनके फ़िल्मी सफर के बारे में बताने जा रहे है।

विरासत में मिली रेखा को अभिनय की कला

तमिलनाडु में 10 अक्टूबर 1954 में रेखा ने इस दुनिया में अपना कदम रखा। आपको बता दें की रेखा का पूरा नाम भानुरेखा गणेशन है। रेखा को जन्म से ही विरासत में अभिनय कि कला मिली थी। रेखा के पिता और माता दोनों ही फ़िल्मी दुनिया से जुड़े थे। अभिनेता जैमिनी गणेशन उनके पिता और फ़िल्मी दुनिया कि जानी मानी अभिनेत्री पुष्पावली उनकी माता थी। बचपन से ही फ़िल्मी दुनिया के बीच रहने वाली रेखा ने छोटी सी उम्र में ही अभिनेत्री बनने का ख़्वाब देखना शुरू कर दिया।

कैसे बनी हेमा फ़िल्मी दुनिया की ‘ड्रीमगर्ल’

बताया जाता है कि रेखा के फिल्मी जीवन की शुरुआत में वह काफी मोटी थी। उस समय किसी ने भी नहीं सोचा होगा कि एक मोटी सी लड़की आगे जाकर बॉलीवुड की सदाबहार अभिनेत्री बन जाएगी। रेखा ने न सिर्फ व्यावसायिक फिल्में की साथ ही कलात्मक फिल्मों से भी उन्होंने अपने अभिनय की छाप छोड़ी है।

रेखा का फिल्मी सफर

बॉलीवुड अभिनेत्री रेखा ने 1966 में अपना फ़िल्मी सफर शुरू कर दिया था। रेखा ने अपने करियर कि शुरुआत अपनी पहली तेलुगु फिल्म ‘रंगुला रत्नम’ से की थी। इस फिल्म में उन्होंने एक बाल कलाकार की भूमिका निभाई। मगर उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी शुरुआत 1970 में फिल्म ‘सावन भादों’ से कि थी।

बात कि जाए अगर उनकी फिल्मो की तो रेखा ने हर फिल्म में अपना बेस्ट देकर उस फिल्म को सफल बनाने की कोशिश की है। इनकी करियर की अहम फिल्म 1978 में आयी फिल्म ‘घर’ थी, जिसके लिए रेखा को पहली बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के फिल्मफेयर अवार्ड से नामांकित किया गया। इसके बाद इन्होने अपनी पहली सुपरहिट फिल्म ‘खूबसूरत’ 1980 में की। इस फिल्म में रेखा के दमदार अभिनय के लिए इन्हे सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के फिल्मफेयर अवार्ड से सम्मानित किया गया।

इसके साथ रेखा ने कई हिट फिल्मे दी जैसे आस्था, सिलसिला, गीतांजली, इंसाफ की देवी, उमराव जान, नागिन, जुबैदा, कामसूत्रा, खून भरी मांग, खिलाडियों का खिलाडी और न जाने कितनी फिल्मे है। अभिनेत्री रेखा की खासियत थी कि वो हर तरह की भूमिका की चुनौती को स्वीकार करती और उस चुनौती में सफल भी होती थी।

रेखा के बॉलीवुड का सफर इतना लंबा है जितने समय में बॉलीवुड अभिनेत्रियों की दो- तीन पीढिया आ जाती है। साथ ही इतने समय में न जाने कितनी हीरोइनें फ़िल्मी दुनिया में आकर चर्चित होती है फिर भुला दी जाती है। इसके बाद भी रेखा बिना थके लबें समय तक बॉलीवुड में सक्रिय रही।

किसी भी कलाकार की यही पहचान होती है कि वो हमेशा करता रहे और जोखिम लेता रहे। यही किया है रेखा ने। यही कारण है कि उन्हे देश के चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्मश्री पुरुष्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें 2010 में दिया गया था।

रेखा की खूबसूरती और उनकी फिटनेस को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि अगर वो 100 साल की भी हो जाएं तो भी उनका आकर्षण खत्म नहीं होगा। उनका यह शानदार जीवन और फिल्मी सफर किसी के लिए भी प्रेरणादायी हो सकता है। रेखा ने अपने चार दशक के फ़िल्मी सफर में लगभग 175 फिल्मो में अभिनय किया है।