UPPCL भविष्य निधि घोटाले में सबसे बड़ा खुलासा

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पीएफ घोटाले के विरोध में बिजली कर्मचारी लगातार कई दिनों से आंदोलन कर रहे है। इसी के चलते लगातार दस दिनों तक धरना दिया गया। इस दौरान बिजली कर्मियों का साफ कहना है कि जब तक सभी दोषियों पर कार्यवाही नहीं हो जाती और उनके भविष्य निधि के धन की गारंटी नहीं ली जाती। तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। इसी विवाद के चलते एक नया बड़ा खुलासा हुआ है।

आपको बता दे की कर्मचारियों की 23 सौ करोड़ की भविष्य निधि योगी सरकार में ही निवेश की गई थी। इस कारण 7 अक्टूबर 2017 से दिसंबर 2018 तक हुए निवेश में कर्मचारियों की 2300 सौ करोड़ की भविष्य निधि फंस गई। इतना ही नहीं 7 अक्टूबर से दिसंबर 2018 तक जीपीएफ में 60 बार रकम जमा कराई गई।

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जानकारी के मुताबिक जीपीएफ से जमा कराई गई रकम 1445 करोड़ की रकम 7 अक्टूबर के बाद जमा कराई गई थी। तथा सीपीएफ खाते से 81बार जमा रकम हुई फंस गई। इसमें लगभग डीएचएफएल को सीपीएफ से 81 बार में 822.20 करोड रूपया दिया गया है।जानकारी के मुताबिक 7 अक्टूबर 2017 से पहले निवेश की गई एक-एक पाई डीएचएफएल ने वापस कर दी थी।

इसके साथ ही यूपीपीसीएल के बैंक खातों सेभी एक सबसे बड़ा खुलासा हुआ है।बता दे की योगी सरकार के अफसरों की 8 महीने बाद भी नींद नहीं टूटी और दागी कंपनी में करोड़ो रुपया जमा हो गया। कर्मचारियों का कहना है उत्तर प्रदेश में योगी सरकार आने के 7 महीने बाद ही डीएचएफएल में कर्मचारियों का पैसा फंसना शुरू हो गया था। आपको बता दे की डीएचएफएल में फंसे 2267.90करोड़ अक्टूबर 2017 से दिसंबर 2018 तक जमा कराए गए थे।