अस्पताल के नाम पर रेटोरेन्ट चला रहा है अपोलो मेडिमिक्स

● अपोलो मेडिमिक्स कमाई करने के लिए नए-नए तरीके अपना रहा है
● आम जनता को अस्पताल के नाम पर लुटा जा रहा है
● बाहर से मिलने वाले खाने मुकाबले अस्पताल का खाना तीन गुना महंगा 
● अपोलो मेडिमिक्स अस्पताल के रूप में रेटोरेन्ट चला रहा है।

अपोलो मेडिमिक्स कमाई करने के लिए नए- नए तरीके अपना रहा है। यहाँ आम जनता को अस्पताल के नाम पर लुटा जा रहा है। लोगो की शिकायत है की अपोलो मेडिमिक्स अस्पताल के रूप में रेटोरेन्ट चला रहा है। आम जनता की शिकायत यह है की अस्पताल के कर्मचारियों कहना अस्पताल परिसर में बहार खान लाने की अनुमति नहीं है। यहाँ तक की बहार से पानी भी लाना मना है। जो भी खाना पीना हो अस्पताल के केंटीन से लिया जाये। आम जनता को अस्पताल के केंटीन खाना लेने कोई समस्या नहीं है।

अपोलो अस्पताल के कमाई करने के नए तरीके

मगर बहार से मिलने वाले खाने मुकाबले अस्पताल का खाना तीन गुना महंगा दिया जाता है। और उस खाने में कोई क्वांटिटी भी नहीं होती है। अब इस पर सवाल यह उठता है की यदि आम जनता के पास उतना महँगा खाना खाने के पैसे न हो तो वह व्यक्ति क्या करे। वह अस्पताल परिसर में बहार का खाना भी नहीं ला सकते और उतना महंगा खरीद भी नहीं सकते तो ऐसे देखा जाये तो अस्पताल में भूख की वजह से यदि कोई बच्चा मर गया तो उसका जिम्मेदार कौन होगा।

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ऐसे लोगो पर सरकार भी कोई ध्यान नहीं देती

अस्पताल की केन्टीन में चाय (60), कॉफी 70 रूपये की है। इस अस्पताल की सर्विस के नाम पर आम जनता को लुटा जा रहा है। दाल फ्राई (90) रूपये की है। जैसे हम रेस्टोरेंट में या किसी अच्छे होटल में खाने जाए उस तरह से पैसे लिए जा रहे है। और खाने की क्वांटिटी भी कम दी जाती है। डॉक्टर गट्टानी जी यह हॉस्पिटल ही नहीं रेस्टोरेंट् चला रहे हैं।जिसकी मदद से किस तरह पैसा बनाया जाये। और आम जनता को लूट सके।इस तरह के लोगो पर सरकार भी ध्यान नहीं देती। और न ही इन पर जीएसटी लगती है। न ही कोई सर्विस चार्जेस ज्यादा करते हैं।

इतना महंगा सामान तो जनरल मार्केट में भी नहीं मिलता

ऐसे लोग सिर्फ आम जनता को लुटते है। देखा जाये तो इतना महंगा सामान जनरल मार्किट में भी नहीं मिलता है। जितना महँगा यहाँ दिया जाता है। यदि एक पानी का बोतल सामान्य बाजार में (40) की है तो वह अस्पताल में (100) रूपये से कम की नहीं मिलेगी। ऐसा है क्योकि यह आधा लीटर पानी लेने के लिए आपको 30 रूपये देने होते हैं। ऐसे लोगो पर सरकार भी कोई कार्यवाही नहीं करती है। चाहे ये लोग जितना भी लूट मचा ले।