लखनऊ में प्रदूषण के चलते 2 दिन में सांस के 25% मरीज़

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रदूषण का कहर बढ़ता जा रहा है। प्रदूषण की वजह से लखनऊ के कई अस्पतालों में सांस के मरीजों की लगी भीड़ लग गई है। लखनऊ के लोहिया, केजीएमयू तथा सिविल अस्पतालों में OPD संख्या काफी बढ़ गई है और महज़ 2 दिनों में ही सांस के 25% मरीज़ आ गए हैं। सांस की परेशानी के कारण 42 मरीज किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) पहुँच गए हैं जबकि 36 मरीज सांस की परेशानी को लेकर लोहिया अस्पताल पहुंचे हैं।

बलरामपुर के सिविल अस्पताल में भी सांस के कई मरीज़ों की भीड़ लगी हुई है और ऐसी हालत में प्रशासन के पास प्रदूषण से निपटने के लिए कोई भी पुख्ता प्लान नहीं है। आम दिनों में भी 3% सांस के मरीज़ होते हैं। प्रशासन ने निर्माण कार्यों पर रोक लगाया हुआ है लेकिन इसके बावजूद सड़क बनाने का काम चल रहा है। गोमती नगर में कई प्रोजेक्ट पर काम जारी है। राजधानी लखनऊ में लोगों के लिए सांस लेना मुश्किल होता जा रहा है और अगर यही हाल रहा तो स्थिति और भी ज़्यादा खतरनाक हो जाएगी।